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Showing posts from August, 2024

Janmashtami 2024: जानें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का महत्व, इनके अस्त्र और दही हांडी का इतिहास

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जन्माष्टमी का पर्व हर वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 26 अगस्त 2024 को मनाई जायेगी। यह पर्व लाखों भक्तों के बीच उत्साह और गहरी भक्ति से सरोबार होती है। भगवान कृष्ण का जन्म भादों के शुभ महीने में कृष्ण पक्ष के आठवें दिन आधी रात के बाद मनाया जाता है। जन्माष्टमी एक ऐसा त्यौहार है जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं। इस दिन दही-हाण्डे का आयोजन भी किया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी कब और क्यों मनाते हैं: कृष्ण जन्मोत्सव का त्यौहार हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। जन्माष्टमी का यह पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस बार जन्माष्टमी का त्यौहार 26 अगस्त 2024 को मनाया जायेगा। इसी तिथि की घनघोर अंधेरी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी ने भगवान श्रीकृष्ण को जन्म दिया था। इस शुभ अवसर पर जन्माष्टमी सारे देश में बड़ी धूमधाम और उत्सव के साथ मनाया जाता है। कृष्ण जन्मोत्सव पर मटकी फोड़ का आयोजन Matki burst organized on Krishna Janmotsav: इस दिन कृष्ण मंदिरों...

Mint Cultivation: पुदीना की खेती कैसे करें, इसकी अच्छी किस्मों से किसान कमाएं अच्छा मुनाफा

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पुदीना अपनी सदाबहार खुशबू और स्वाद के कारण रसोई और बगीचे दोनों के लिए महत्वपूर्ण फसल है। यह सलाद को स्वादिष्ट बनाता है, पानी को ताज़ा करता है और कई बीमारियों के लिए घरेलू उपचार के रूप में भी काम करता है। पुदीना बगीचे के लिए भी संजीवनी से कम नही है। पराग और अमृत से भरपूर पुदीना शहद की मक्खियों और होवरफ्लाई जैसे लाभकारी कीटों को आकर्षित करता है, जबकि चींटियों, मक्खियों, मच्छरों, चूहों और चूहों जैसे कम उपयोगी कीटों को रोकता है। गर्मियों में पुदीना का शरबत बनाकर पीने से स्वास्थ्य और गर्मी दूर होती है। कटिंग विधि से पुदीना कैसे उगायें: कटिंग विधि से पुदीना को आसानी से उगाया जा सकता है पुदीना की कटिंग को अपनी जड़ें विकसित करने में 10-15 दिन का समय लगता है। पुदीना के पौधे में से कटिंग को काट लें और इसे गमले या मिट्टी में लगा दें।  पानी में पुदीना को किस प्रकार उगाएं : पुदीना को पानी में उगाना के लिए पुदीना के पौधे से कटिंग लेकर निचली पत्तियों को हटा दें और एक गिलास पानी में तने को डुबो दें। समय-समय पर गिलास के पानी को बदलते रहें और कुछ समय बाद कटिंग से पौधे की जड़ उगने लगसती है। ...

पॉलीहाउस खेती क्‍या होती है?: पॉलीहाउस में आधुनिक तकनीक से उगाएं बेमौसमी सब्जियां

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 पॉलीहाउस खेती क्‍या होती है?: पॉलीहाउस में आधुनिक तकनीक से उगाएं बेमौसमी सब्जियां Polyhouse Farming  को आम भाषा में ग्रीनहाउस खेती बोलते हैं। यह एक प्रकार की घर जैसा  करके खेती करा जाता हैं, जिसमें फुल से लेकर  सब्जियों  तक का खेती करा जाता है ।  पॉलीहाउस  फार्मिंग को  प्लास्टिक की छत के नीचे किया जाता  है। पॉली हाउस ( Polyhouse) भारत  को एक कृषि प्रधान देश के रूप में जाना जाता है और यहाँ के अधिकतर लोग  कृषि  के माध्यम से ही अपना जीवन यापन करते है | हालाँकि यहाँ फसलों का उत्पादन प्राकृतिक मानसून पर निर्भर होता है, जिसके कारण यहाँ कभी-कभी पैदावार काफी अच्छी हो जाती है और कभी-कभी उप्तापदन बिल्कुल न के बराबर होता है | इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए वर्तमान में किसानों द्वारा पॉली हाउस के माध्यम से तकनीकी रूप से कृषि करने लगे है | फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए पॉली हाउस अत्यधिक कारगर सिद्ध हुआ है | आज देश के प्रत्येक कोनें में  किसानों  द्वारा फसलों के उगानें में पॉली हाउस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है | पॉली हा...